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परंपराओं के पंचांग

इस्कॉन पंचांग: त्योहार, एकादशी और व्रत

गौड़ीय वैष्णव वर्ष, जैसा इस्कॉन रखता है, GCal के नियमों से — इस्कॉन GBC समिति का पंचांग। नीचे 2026 और 2027 में श्रीधाम मायापुर के वे दिन हैं जिनके आसपास योजना बनती है, हर दिन के व्रत के साथ। JyotiSoft में पंचांग जोड़ें — आपके शहर की तिथियाँ और पारण, सभी आचार्यों के दिन और अनुस्मारक मिलेंगे।

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इस्कॉन प्रोफ़ाइल जोड़ें: आपके शहर की तिथियाँ और पारण, हर त्योहार और आचार्य की कथा, और व्रत से पहली शाम, व्रत की सुबह और पारण खुलने पर अनुस्मारक।

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2026 में योजना के दिन (श्रीधाम मायापुर)

तिथिदिनव्रत
शनिवार, 3 जनवरीश्री कृष्ण पुष्य अभिषेक
बुधवार, 14 जनवरीषटतिला एकादशीएकादशी व्रत: अन्न या दालें नहीं; यदि आप कर सकें तो पूर्ण व्रत
पारण गुरुवार, 15 जनवरी, 06:20–09:57
शुक्रवार, 23 जनवरीवसंत पंचमी
रविवार, 25 जनवरीश्री अद्वैत आचार्य — आविर्भावदोपहर तक व्रत
सोमवार, 26 जनवरीभीष्माष्टमी
गुरुवार, 29 जनवरीजया एकादशीएकादशी व्रत: अन्न या दालें नहीं; यदि आप कर सकें तो पूर्ण व्रत
पारण शुक्रवार, 30 जनवरी, 06:17–09:59
शुक्रवार, 30 जनवरीवराह द्वादशी: भगवान वराहदेव का प्राकट्यव्रत कल रखा गया था; आज दावत है
शनिवार, 31 जनवरीनित्यानंद त्रयोदशी: श्री नित्यानंद प्रभु का प्राकट्यदोपहर तक व्रत
रविवार, 1 फ़रवरीश्री कृष्ण मधुर उत्सव
शुक्रवार, 6 फ़रवरीश्रील भक्तिसिद्धांत सरस्वती ठाकुर — आविर्भावदोपहर तक व्रत
शुक्रवार, 13 फ़रवरीविजया एकादशीएकादशी व्रत: अन्न या दालें नहीं; यदि आप कर सकें तो पूर्ण व्रत
पारण शनिवार, 14 फ़रवरी, 06:10–09:57
सोमवार, 16 फ़रवरीशिवरात्रि
शुक्रवार, 27 फ़रवरीआमलकी एकादशीएकादशी व्रत: अन्न या दालें नहीं; यदि आप कर सकें तो पूर्ण व्रत
पारण शनिवार, 28 फ़रवरी, 05:59–09:52
मंगलवार, 3 मार्चगौर पूर्णिमा: श्री चैतन्य महाप्रभु का प्राकट्यचंद्रोदय तक उपवास रखें
बुधवार, 4 मार्चजगन्नाथ मिश्र उत्सव
रविवार, 15 मार्चपापमोचिनी एकादशीएकादशी व्रत: अन्न या दालें नहीं; यदि आप कर सकें तो पूर्ण व्रत
पारण सोमवार, 16 मार्च, 05:45–09:41
शुक्रवार, 27 मार्चराम नवमी: भगवान श्री रामचंद्र का प्राकट्यसूर्यास्त तक व्रत
रविवार, 29 मार्चकामदा एकादशीएकादशी व्रत: अन्न या दालें नहीं; यदि आप कर सकें तो पूर्ण व्रत
पारण सोमवार, 30 मार्च, 05:31–07:10
सोमवार, 30 मार्चदमनकारोपण द्वादशी
गुरुवार, 2 अप्रैलश्री बलराम रास यात्रा
गुरुवार, 2 अप्रैलश्री कृष्ण वसंत रास
गुरुवार, 2 अप्रैलराधा कुंड प्राकट्य, स्नान दान
सोमवार, 13 अप्रैलवरूथिनी एकादशीएकादशी व्रत: अन्न या दालें नहीं; यदि आप कर सकें तो पूर्ण व्रत
पारण मंगलवार, 14 अप्रैल, 06:55–09:30
सोमवार, 20 अप्रैलअक्षय तृतीया। चंदन यात्रा आरंभ (21 दिन)
शनिवार, 25 अप्रैलश्रीमती सीता देवी, भगवान राम की पत्नी — आविर्भाव
सोमवार, 27 अप्रैलमोहिनी एकादशीएकादशी व्रत: अन्न या दालें नहीं; यदि आप कर सकें तो पूर्ण व्रत
पारण मंगलवार, 28 अप्रैल, 05:05–09:24
मंगलवार, 28 अप्रैलरुक्मिणी द्वादशी
गुरुवार, 30 अप्रैलनृसिंह चतुर्दशी: भगवान नृसिंहदेव का प्राकट्यशाम तक उपवास रखें
शुक्रवार, 1 मईकृष्ण फूल दोल, सलिल विहार
शुक्रवार, 1 मईश्री श्री राधा-रमण देवजी — आविर्भाव
बुधवार, 13 मईअपरा एकादशीएकादशी व्रत: अन्न या दालें नहीं; यदि आप कर सकें तो पूर्ण व्रत
पारण गुरुवार, 14 मई, 04:55–09:20
बुधवार, 27 मईपद्मिनी एकादशीएकादशी व्रत: अन्न या दालें नहीं; यदि आप कर सकें तो पूर्ण व्रत
पारण गुरुवार, 28 मई, 04:50–07:57
गुरुवार, 11 जूनपरमा एकादशीएकादशी व्रत: अन्न या दालें नहीं; यदि आप कर सकें तो पूर्ण व्रत
पारण शुक्रवार, 12 जून, 04:49–09:21
बुधवार, 24 जूनगंगा पूजा
शुक्रवार, 26 जूननिर्जला एकादशीएकादशी व्रत: अन्न या दालें नहीं; यदि आप कर सकें तो पूर्ण व्रत
पारण शनिवार, 27 जून, 04:52–09:24
शनिवार, 27 जूनपानीहाटी चिड़ा दही उत्सव
सोमवार, 29 जूनस्नान यात्रा
शनिवार, 11 जुलाईयोगिनी एकादशीएकादशी व्रत: अन्न या दालें नहीं; यदि आप कर सकें तो पूर्ण व्रत
पारण रविवार, 12 जुलाई, 04:58–09:27
मंगलवार, 14 जुलाईश्रील भक्तिविनोद ठाकुर — तिरोभावदोपहर तक व्रत
बुधवार, 15 जुलाईगुंडिचा मार्जन
गुरुवार, 16 जुलाईरथ यात्रा
सोमवार, 20 जुलाईहेरा पंचमी (रथ यात्रा के 4 दिन बाद)
शुक्रवार, 24 जुलाईउल्टा रथ (रथ यात्रा के 8 दिन बाद)
शनिवार, 25 जुलाईदेवशयनी एकादशीएकादशी व्रत: अन्न या दालें नहीं; यदि आप कर सकें तो पूर्ण व्रत
पारण रविवार, 26 जुलाई, 05:04–09:30
बुधवार, 29 जुलाईचातुर्मास का महीना 1 शुरू होता हैहरी पत्तेदार सब्जियों के बिना एक महीना
बुधवार, 29 जुलाईगुरु (व्यास) पूर्णिमा
रविवार, 9 अगस्तकामिका एकादशीएकादशी व्रत: अन्न या दालें नहीं; यदि आप कर सकें तो पूर्ण व्रत
पारण सोमवार, 10 अगस्त, 05:10–08:01
रविवार, 23 अगस्तराधा गोविंद झूलन यात्रा आरंभ
सोमवार, 24 अगस्तश्रावण पुत्रदा एकादशीएकादशी व्रत: अन्न या दालें नहीं; यदि आप कर सकें तो पूर्ण व्रत
पारण मंगलवार, 25 अगस्त, 05:16–06:21
गुरुवार, 27 अगस्तचातुर्मास के महीने 1 का अंतिम दिन
शुक्रवार, 28 अगस्तभगवान बलराम — आविर्भावदोपहर तक व्रत
शुक्रवार, 28 अगस्तचातुर्मास का महीना 2 शुरू होता हैदही के बिना एक महीना
शुक्रवार, 28 अगस्तझूलन यात्रा समाप्त
शुक्रवार, 4 सितंबरश्री कृष्ण जन्माष्टमी: भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्यमध्यरात्रि तक उपवास रखें
शनिवार, 5 सितंबरश्रील प्रभुपाद — आविर्भावदोपहर तक व्रत
शनिवार, 5 सितंबरनंदोत्सव
सोमवार, 7 सितंबरअजा एकादशीएकादशी व्रत: अन्न या दालें नहीं; यदि आप कर सकें तो पूर्ण व्रत
पारण मंगलवार, 8 सितंबर, 05:20–09:30
शनिवार, 19 सितंबरराधाष्टमी: श्रीमती राधारानी का प्राकट्यदोपहर तक व्रत
मंगलवार, 22 सितंबरपरिवर्तिनी एकादशीएकादशी व्रत: अन्न या दालें नहीं; यदि आप कर सकें तो पूर्ण व्रत
पारण बुधवार, 23 सितंबर, 05:25–09:28
बुधवार, 23 सितंबरवामन द्वादशी: भगवान वामनदेव का प्राकट्यव्रत कल रखा गया था; आज दावत है
गुरुवार, 24 सितंबरश्रील भक्तिविनोद ठाकुर — आविर्भावदोपहर तक व्रत
शुक्रवार, 25 सितंबरअनंत चतुर्दशी व्रत
शुक्रवार, 25 सितंबरचातुर्मास के महीने 2 का अंतिम दिन
शनिवार, 26 सितंबरचातुर्मास का महीना 3 शुरू होता हैदूध के बिना एक महीना
शनिवार, 26 सितंबरश्री विश्वरूप महोत्सव
शनिवार, 26 सितंबरभाद्र पूर्णिमा
मंगलवार, 6 अक्टूबरइन्दिरा एकादशीएकादशी व्रत: अन्न या दालें नहीं; यदि आप कर सकें तो पूर्ण व्रत
पारण बुधवार, 7 अक्टूबर, 06:16–09:26
बुधवार, 21 अक्टूबररामचंद्र विजयोत्सव
गुरुवार, 22 अक्टूबरपापांकुशा एकादशीएकादशी व्रत: अन्न या दालें नहीं; यदि आप कर सकें तो पूर्ण व्रत
पारण शुक्रवार, 23 अक्टूबर, 05:37–09:26
रविवार, 25 अक्टूबरचातुर्मास के महीने 3 का अंतिम दिन
सोमवार, 26 अक्टूबरचातुर्मास का महीना 4 शुरू होता हैउड़द की दाल के बिना एक महीना
सोमवार, 26 अक्टूबरश्री कृष्ण शारदीय रास यात्रा
सोमवार, 2 नवंबरबहुलाष्टमी
गुरुवार, 5 नवंबररमा एकादशीएकादशी व्रत: अन्न या दालें नहीं; यदि आप कर सकें तो पूर्ण व्रत
पारण शुक्रवार, 6 नवंबर, 05:44–09:28
सोमवार, 9 नवंबरदीपदान, दीपावली (काली पूजा)
मंगलवार, 10 नवंबरबलि दैत्यराज पूजा
मंगलवार, 10 नवंबरगो पूजा, गो क्रीड़ा, गोवर्धन पूजा
शुक्रवार, 13 नवंबरश्रील प्रभुपाद — तिरोभावदोपहर तक व्रत
मंगलवार, 17 नवंबरगोपाष्टमी
शनिवार, 21 नवंबरदेवउठनी एकादशीएकादशी व्रत: अन्न या दालें नहीं; यदि आप कर सकें तो पूर्ण व्रत
पारण रविवार, 22 नवंबर, 05:55–09:33
शनिवार, 21 नवंबरश्रील गौर किशोर दास बाबाजी — तिरोभावदोपहर तक व्रत रखें; दावत कल है
शनिवार, 21 नवंबरभीष्म पंचक का पहला दिन
सोमवार, 23 नवंबरचातुर्मास के महीने 4 का अंतिम दिन
मंगलवार, 24 नवंबरश्री कृष्ण रास यात्रा
मंगलवार, 24 नवंबरतुलसी-शालिग्राम विवाह
मंगलवार, 24 नवंबरभीष्म पंचक का अंतिम दिन
बुधवार, 25 नवंबरकात्यायनी व्रत आरंभ
शनिवार, 5 दिसंबरउत्पन्ना एकादशीएकादशी व्रत: अन्न या दालें नहीं; यदि आप कर सकें तो पूर्ण व्रत
पारण रविवार, 6 दिसंबर, 06:04–09:40
मंगलवार, 15 दिसंबरओदन षष्ठी
रविवार, 20 दिसंबरमोक्षदा एकादशीएकादशी व्रत: अन्न या दालें नहीं; यदि आप कर सकें तो पूर्ण व्रत
पारण सोमवार, 21 दिसंबर, 06:13–09:47
रविवार, 20 दिसंबरश्रीमद्भगवद्गीता का प्राकट्य (गीता जयंती)
गुरुवार, 24 दिसंबरकात्यायनी व्रत समाप्त
रविवार, 27 दिसंबरश्रील भक्तिसिद्धांत सरस्वती ठाकुर — तिरोभावदोपहर तक व्रत

2027 में योजना के दिन (श्रीधाम मायापुर)

तिथिदिनव्रत
रविवार, 3 जनवरीसफला एकादशीएकादशी व्रत: अन्न या दालें नहीं; यदि आप कर सकें तो पूर्ण व्रत
पारण सोमवार, 4 जनवरी, 06:19–09:54
मंगलवार, 19 जनवरीपौष पुत्रदा एकादशीएकादशी व्रत: अन्न या दालें नहीं; यदि आप कर सकें तो पूर्ण व्रत
पारण बुधवार, 20 जनवरी, 06:20–09:58
शुक्रवार, 22 जनवरीश्री कृष्ण पुष्य अभिषेक
मंगलवार, 2 फ़रवरीषटतिला एकादशीएकादशी व्रत: अन्न या दालें नहीं; यदि आप कर सकें तो पूर्ण व्रत
पारण बुधवार, 3 फ़रवरी, 06:16–09:59
गुरुवार, 11 फ़रवरीवसंत पंचमी
शनिवार, 13 फ़रवरीश्री अद्वैत आचार्य — आविर्भावदोपहर तक व्रत
रविवार, 14 फ़रवरीभीष्माष्टमी
बुधवार, 17 फ़रवरीजया एकादशीएकादशी व्रत: अन्न या दालें नहीं; यदि आप कर सकें तो पूर्ण व्रत
पारण गुरुवार, 18 फ़रवरी, 06:07–09:56
गुरुवार, 18 फ़रवरीवराह द्वादशी: भगवान वराहदेव का प्राकट्यव्रत कल रखा गया था; आज दावत है
शुक्रवार, 19 फ़रवरीनित्यानंद त्रयोदशी: श्री नित्यानंद प्रभु का प्राकट्यदोपहर तक व्रत
रविवार, 21 फ़रवरीश्री कृष्ण मधुर उत्सव
गुरुवार, 25 फ़रवरीश्रील भक्तिसिद्धांत सरस्वती ठाकुर — आविर्भावदोपहर तक व्रत
गुरुवार, 4 मार्चविजया एकादशीएकादशी व्रत: अन्न या दालें नहीं; यदि आप कर सकें तो पूर्ण व्रत
पारण शुक्रवार, 5 मार्च, 05:55–09:50
रविवार, 7 मार्चशिवरात्रि
शुक्रवार, 19 मार्चआमलकी एकादशीएकादशी व्रत: अन्न या दालें नहीं; यदि आप कर सकें तो पूर्ण व्रत
पारण शनिवार, 20 मार्च, 05:41–09:43
सोमवार, 22 मार्चगौर पूर्णिमा: श्री चैतन्य महाप्रभु का प्राकट्यचंद्रोदय तक उपवास रखें
मंगलवार, 23 मार्चजगन्नाथ मिश्र उत्सव
शुक्रवार, 2 अप्रैलपापमोचिनी एकादशीएकादशी व्रत: अन्न या दालें नहीं; यदि आप कर सकें तो पूर्ण व्रत
पारण शनिवार, 3 अप्रैल, 09:16–09:36
गुरुवार, 15 अप्रैलराम नवमी: भगवान श्री रामचंद्र का प्राकट्यसूर्यास्त तक व्रत
शनिवार, 17 अप्रैलकामदा एकादशीएकादशी व्रत: अन्न या दालें नहीं; यदि आप कर सकें तो पूर्ण व्रत
पारण रविवार, 18 अप्रैल, 05:13–07:43
रविवार, 18 अप्रैलदमनकारोपण द्वादशी
मंगलवार, 20 अप्रैलश्री बलराम रास यात्रा
मंगलवार, 20 अप्रैलश्री कृष्ण वसंत रास
मंगलवार, 20 अप्रैलराधा कुंड प्राकट्य, स्नान दान
रविवार, 2 मईवरूथिनी एकादशीएकादशी व्रत: अन्न या दालें नहीं; यदि आप कर सकें तो पूर्ण व्रत
पारण सोमवार, 3 मई, 05:02–09:23
रविवार, 9 मईअक्षय तृतीया। चंदन यात्रा आरंभ (21 दिन)
शुक्रवार, 14 मईश्रीमती सीता देवी, भगवान राम की पत्नी — आविर्भाव
रविवार, 16 मईमोहिनी एकादशीएकादशी व्रत: अन्न या दालें नहीं; यदि आप कर सकें तो पूर्ण व्रत
पारण सोमवार, 17 मई, 04:54–09:20
सोमवार, 17 मईरुक्मिणी द्वादशी
बुधवार, 19 मईनृसिंह चतुर्दशी: भगवान नृसिंहदेव का प्राकट्यशाम तक उपवास रखें
गुरुवार, 20 मईकृष्ण फूल दोल, सलिल विहार
गुरुवार, 20 मईश्री श्री राधा-रमण देवजी — आविर्भाव
मंगलवार, 1 जूनअपरा एकादशीएकादशी व्रत: अन्न या दालें नहीं; यदि आप कर सकें तो पूर्ण व्रत
पारण बुधवार, 2 जून, 04:50–08:29
रविवार, 13 जूनगंगा पूजा
मंगलवार, 15 जूननिर्जला एकादशीएकादशी व्रत: अन्न या दालें नहीं; यदि आप कर सकें तो पूर्ण व्रत
पारण बुधवार, 16 जून, 04:50–09:21
बुधवार, 16 जूनपानीहाटी चिड़ा दही उत्सव
शुक्रवार, 18 जूनस्नान यात्रा
बुधवार, 30 जूनयोगिनी एकादशीएकादशी व्रत: अन्न या दालें नहीं; यदि आप कर सकें तो पूर्ण व्रत
पारण गुरुवार, 1 जुलाई, 04:53–09:25
रविवार, 4 जुलाईश्रील भक्तिविनोद ठाकुर — तिरोभावदोपहर तक व्रत
रविवार, 4 जुलाईगुंडिचा मार्जन
सोमवार, 5 जुलाईरथ यात्रा
शुक्रवार, 9 जुलाईहेरा पंचमी (रथ यात्रा के 4 दिन बाद)
मंगलवार, 13 जुलाईउल्टा रथ (रथ यात्रा के 8 दिन बाद)
बुधवार, 14 जुलाईदेवशयनी एकादशीएकादशी व्रत: अन्न या दालें नहीं; यदि आप कर सकें तो पूर्ण व्रत
पारण गुरुवार, 15 जुलाई, 04:59–09:28
रविवार, 18 जुलाईचातुर्मास का महीना 1 शुरू होता हैहरी पत्तेदार सब्जियों के बिना एक महीना
रविवार, 18 जुलाईगुरु (व्यास) पूर्णिमा
शुक्रवार, 30 जुलाईकामिका एकादशीएकादशी व्रत: अन्न या दालें नहीं; यदि आप कर सकें तो पूर्ण व्रत
पारण शनिवार, 31 जुलाई, 05:06–09:30
गुरुवार, 12 अगस्तराधा गोविंद झूलन यात्रा आरंभ
शुक्रवार, 13 अगस्तश्रावण पुत्रदा एकादशीएकादशी व्रत: अन्न या दालें नहीं; यदि आप कर सकें तो पूर्ण व्रत
पारण शनिवार, 14 अगस्त, 05:12–05:22
सोमवार, 16 अगस्तचातुर्मास के महीने 1 का अंतिम दिन
मंगलवार, 17 अगस्तभगवान बलराम — आविर्भावदोपहर तक व्रत
मंगलवार, 17 अगस्तचातुर्मास का महीना 2 शुरू होता हैदही के बिना एक महीना
मंगलवार, 17 अगस्तझूलन यात्रा समाप्त
बुधवार, 25 अगस्तश्री कृष्ण जन्माष्टमी: भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्यमध्यरात्रि तक उपवास रखें
गुरुवार, 26 अगस्तश्रील प्रभुपाद — आविर्भावदोपहर तक व्रत
गुरुवार, 26 अगस्तनंदोत्सव
शनिवार, 28 अगस्तअजा एकादशीएकादशी व्रत: अन्न या दालें नहीं; यदि आप कर सकें तो पूर्ण व्रत
पारण रविवार, 29 अगस्त, 05:17–09:31
बुधवार, 8 सितंबरराधाष्टमी: श्रीमती राधारानी का प्राकट्यदोपहर तक व्रत
रविवार, 12 सितंबरपरिवर्तिनी एकादशीएकादशी व्रत: अन्न या दालें नहीं; यदि आप कर सकें तो पूर्ण व्रत
पारण सोमवार, 13 सितंबर, 05:22–06:05
रविवार, 12 सितंबरवामन द्वादशी: भगवान वामनदेव का प्राकट्यदोपहर तक व्रत रखें; दावत कल है
सोमवार, 13 सितंबरश्रील भक्तिविनोद ठाकुर — आविर्भावव्रत कल रखा गया था; आज दावत है
मंगलवार, 14 सितंबरअनंत चतुर्दशी व्रत
मंगलवार, 14 सितंबरचातुर्मास के महीने 2 का अंतिम दिन
बुधवार, 15 सितंबरचातुर्मास का महीना 3 शुरू होता हैदूध के बिना एक महीना
बुधवार, 15 सितंबरश्री विश्वरूप महोत्सव
बुधवार, 15 सितंबरभाद्र पूर्णिमा
रविवार, 26 सितंबरइन्दिरा एकादशीएकादशी व्रत: अन्न या दालें नहीं; यदि आप कर सकें तो पूर्ण व्रत
पारण सोमवार, 27 सितंबर, 05:26–09:27
रविवार, 10 अक्टूबररामचंद्र विजयोत्सव
सोमवार, 11 अक्टूबरपापांकुशा एकादशीएकादशी व्रत: अन्न या दालें नहीं; यदि आप कर सकें तो पूर्ण व्रत
पारण मंगलवार, 12 अक्टूबर, 05:32–09:26
गुरुवार, 14 अक्टूबरचातुर्मास के महीने 3 का अंतिम दिन
शुक्रवार, 15 अक्टूबरचातुर्मास का महीना 4 शुरू होता हैउड़द की दाल के बिना एक महीना
शुक्रवार, 15 अक्टूबरश्री कृष्ण शारदीय रास यात्रा
शनिवार, 23 अक्टूबरबहुलाष्टमी
मंगलवार, 26 अक्टूबररमा एकादशीएकादशी व्रत: अन्न या दालें नहीं; यदि आप कर सकें तो पूर्ण व्रत
पारण बुधवार, 27 अक्टूबर, 05:39–09:26
शुक्रवार, 29 अक्टूबरदीपदान, दीपावली (काली पूजा)
शनिवार, 30 अक्टूबरबलि दैत्यराज पूजा
शनिवार, 30 अक्टूबरगो पूजा, गो क्रीड़ा, गोवर्धन पूजा
मंगलवार, 2 नवंबरश्रील प्रभुपाद — तिरोभावदोपहर तक व्रत
शनिवार, 6 नवंबरगोपाष्टमी
बुधवार, 10 नवंबरदेवउठनी एकादशीएकादशी व्रत: अन्न या दालें नहीं; यदि आप कर सकें तो पूर्ण व्रत
पारण गुरुवार, 11 नवंबर, 05:47–09:29
बुधवार, 10 नवंबरश्रील गौर किशोर दास बाबाजी — तिरोभावदोपहर तक व्रत रखें; दावत कल है
बुधवार, 10 नवंबरभीष्म पंचक का पहला दिन
शनिवार, 13 नवंबरचातुर्मास के महीने 4 का अंतिम दिन
रविवार, 14 नवंबरश्री कृष्ण रास यात्रा
रविवार, 14 नवंबरतुलसी-शालिग्राम विवाह
रविवार, 14 नवंबरभीष्म पंचक का अंतिम दिन
सोमवार, 15 नवंबरकात्यायनी व्रत आरंभ
बुधवार, 24 नवंबरउत्पन्ना एकादशीएकादशी व्रत: अन्न या दालें नहीं; यदि आप कर सकें तो पूर्ण व्रत
पारण गुरुवार, 25 नवंबर, 05:57–09:34
शनिवार, 4 दिसंबरओदन षष्ठी
गुरुवार, 9 दिसंबरमोक्षदा एकादशीएकादशी व्रत: अन्न या दालें नहीं; यदि आप कर सकें तो पूर्ण व्रत
पारण शुक्रवार, 10 दिसंबर, 09:14–09:42
गुरुवार, 9 दिसंबरश्रीमद्भगवद्गीता का प्राकट्य (गीता जयंती)
सोमवार, 13 दिसंबरकात्यायनी व्रत समाप्त
शुक्रवार, 17 दिसंबरश्रील भक्तिसिद्धांत सरस्वती ठाकुर — तिरोभावदोपहर तक व्रत
गुरुवार, 23 दिसंबरसफला एकादशीएकादशी व्रत: अन्न या दालें नहीं; यदि आप कर सकें तो पूर्ण व्रत
पारण शुक्रवार, 24 दिसंबर, 06:15–09:49

समय श्रीधाम मायापुर का स्थानीय समय है (UTC+05:30)। दूसरे शहर में दिन अलग हो सकता है।

स्रोत: GCal (इस्कॉन GBC समिति का पंचांग), श्री चैतन्य चरितामृत, श्रीमद्भागवतम्, हरि-भक्ति-विलास, पुराणों के एकादशी माहात्म्य।

पंचांग में क्या है

यह प्रोफ़ाइल पूरे वैष्णव वर्ष को एक स्थान पर संकलित करता है। हमारा इंजन GCal (वह कैलेंडर जिसका ISKCON पालन करता है) के नियमों के अनुसार तिथियों की गणना करता है, और हम प्रकाशित कैलेंडर के साथ उनका मिलान करते हैं। प्रत्येक दिन के लिए आप देख सकते हैं कि क्या मनाया जा रहा है, किसे स्मरण किया जा रहा है और उस दिन व्रत का पालन कैसे किया जाता है: दोपहर तक, सूर्यास्त तक, चंद्रोदय तक, मध्यरात्रि तक, या पूर्ण एकादशी व्रत। पारण (व्रत खोलने) का समय आपके शहर के सूर्योदय के अनुसार निर्धारित होता है। प्रत्येक उत्सव और आचार्य के लिए एक संक्षिप्त विवरण और स्रोतों के साथ एक विस्तृत कथा दी गई है। प्रोफ़ाइल सेटिंग्स में चुनें कि कौन-से आयोजन दिखाने हैं और कब याद दिलाना है; इस प्रोफ़ाइल को अन्य प्रोफ़ाइलों के साथ भी चालू रखा जा सकता है।

  • भगवान के उत्सव और आविर्भाव दिवस
  • आचार्यों के आविर्भाव और तिरोभाव दिवस
  • एकादशी और पारण
  • चातुर्मास्य, भीष्म पंचक, तुलसी जल दान

वैष्णव व्रत कैसे रखते हैं

एकादशी महीने में दो बार, ग्यारहवीं चंद्र तिथि पर आती है। पुराण इसे भगवान का विशेष रूप से प्रिय दिन बताते हैं, और इस व्रत को शरीर की मांगों को एक तरफ रखकर समय कृष्ण को समर्पित करने का एक माध्यम मानते हैं। वैष्णव अन्न और दालों (चावल, गेहूं, अनाज, मटर, दालें) का त्याग करते हैं; जो कर सकते हैं वे पूर्ण उपवास रखते हैं या केवल जल लेते हैं, अन्य फल, सब्जियां और दूध लेते हैं। भोजन से भी अधिक महत्वपूर्ण है भगवान के स्मरण में जाग्रत रहना: अधिक जप, कीर्तन और अध्ययन। जब एकादशी भोर से पहले (सूर्योदय से 96 मिनट पहले) दशमी से युक्त होती है, तो GCal का नियम व्रत को अगले दिन स्थानांतरित कर देता है। व्रत सुबह पारण की समयावधि में खोला जाता है, जिसकी गणना हम आपके शहर के लिए करते हैं।

एकादशी व्रत का पारण करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि व्रत रखना: यह बारहवें दिन की सुबह अन्न प्रसाद ग्रहण करके किया जाता है। यह समय-सीमा सूर्योदय से पहले और द्वादशी के पहले चौथाई भाग यानी हरि-वासर के समाप्त होने से पहले शुरू नहीं होती। यह दिन के पहले एक-तिहाई हिस्से के भीतर समाप्त हो जाती है, या यदि द्वादशी पहले समाप्त हो जाए तो उससे पहले। यह समय सूर्योदय पर निर्भर करता है, इसलिए यह अलग-अलग शहरों में भिन्न होता है; हम आपके शहर के लिए इसकी गणना ठीक उसी तरह करते हैं जैसे GCal करता है। पूर्ण उपवास के बाद थोड़ा सा प्रसाद ही पर्याप्त होता है; महत्वपूर्ण यह है कि आप इसे निश्चित समय-सीमा के भीतर ही ग्रहण करें।

चातुर्मास्य शयन एकादशी या आषाढ़ की पूर्णिमा से शुरू होता है और उत्थान एकादशी या कार्तिक की पूर्णिमा तक रहता है। इन महीनों में, पुराणों के अनुसार, भगवान शयन करते हैं और भक्त छोटे-छोटे व्रत लेते हैं। चैतन्य-चरितामृत बताता है कि कैसे श्री चैतन्य महाप्रभु ने चातुर्मास्य के चार महीने श्रीरंगम में वेंकट भट्ट के घर पर बिताए थे। GCal, वह कैलेंडर जिसका ISKCON पालन करता है, महीनों की गणना पूर्णिमा से करता है: पहला महीना बिना हरी पत्तेदार सब्ज़ियों के, दूसरा बिना दही के, तीसरा बिना दूध के, चौथा (कार्तिक, दामोदर का महीना) बिना उड़द दाल के। व्रत अपनी सामर्थ्य के अनुसार लिए जाते हैं; इनका उद्देश्य भगवान का स्मरण करना है।

भीष्म पंचक दामोदर महीने के अंत के पाँच दिन हैं: यह उत्थान एकादशी से शुरू होता है और कार्तिक की पूर्णिमा पर समाप्त होता है। परंपरा के अनुसार इन दिनों भीष्मदेव ने अपनी बाण-शय्या पर लेटे हुए पांडवों को धर्म का ज्ञान दिया और फिर कृष्ण का स्मरण करते हुए देह त्याग दी। वैष्णव इन दिनों एक विशेष व्रत रखते हैं: कुछ केवल फल, कंदमूल और दूध लेते हैं, कुछ अधिक कड़ा उपवास रखते हैं। नियम अपनी सामर्थ्य और गुरु की सलाह के अनुसार चुना जाता है। कैलेंडर पहले और अंतिम दिन को दर्शाता है।

व्रत अपनी सामर्थ्य के अनुसार रखा जाता है। कठोर रूप रोगियों, गर्भवती महिलाओं और बच्चों को नहीं सुझाए जाते; डॉक्टर से सलाह लेकर निर्णय करें।

सवाल-जवाब

अलग-अलग शहरों में तिथियाँ अलग क्यों होती हैं?
वैष्णव दिन उसी स्थान के सूर्योदय और अरुणोदय से तय होता है, इसलिए दो शहरों में व्रत अलग दिन पड़ सकता है। तालिका मायापुर की है; ऐप आपके शहर की तिथियाँ देता है।
«दोपहर तक व्रत» का क्या अर्थ है?
भगवान बलराम, श्रीमती राधारानी, श्री नित्यानंद और अन्य महान वैष्णवों के प्राकट्य दिवस पर पंचांग दोपहर तक व्रत और फिर उत्सव भोज बताता है। जब ऐसा दिन एकादशी के ठीक बाद आता है, तो व्रत एकादशी को रखा जाता है और वह दिन स्वयं उत्सव होता है, ठीक जैसा इस्कॉन पंचांग दर्शाता है।
क्या एकादशी व्रत सबके लिए है?
व्रत अपनी सामर्थ्य के अनुसार रखा जाता है। कठोर रूप (बिना जल) रोगियों, गर्भवती महिलाओं और बच्चों को नहीं सुझाए जाते; डॉक्टर से सलाह लेकर निर्णय करें।

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