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पंचांग

पंचांग — जयपुर, 13 नवंबर 2026

जयपुर के लिए दिन का वैदिक पंचांग: पंचांग के पाँच अंग उनके बदलने के समय के साथ, सूर्योदय और सूर्यास्त, अशुभ और शुभ काल। हर दिन स्थानीय सूर्योदय से दोबारा गणना।

पिछला दिन · अगला दिन · आज

13 नवंबर 2026

अगला पर्व: छठ पूजा — 15 नवंबर 2026, 2 दिन में।

अंगमानकिसके लिए शुभ
तिथिचतुर्थी (शुक्ल पक्ष) तक 20:43बाधाएँ दूर करना; नई शुरुआत के लिए नहीं
नक्षत्रमूल तक 17:17मूल, शोध, पुराने का त्याग
योगधृति तक 05:23 (+1)धैर्य, स्थिरता
करणवणिज तक 07:25व्यापार, सौदे
वारशुक्रवार संबंध, सौंदर्य, खरीदारी

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय06:44
सूर्यास्त17:37
चंद्रोदय10:21
चंद्रास्त20:32

अशुभ काल

राहुकाल10:49–12:10
यमगंड14:54–16:15
गुलिक काल08:06–09:27

शुभ मुहूर्त

अभिजित11:49–12:32
अमृत काल10:06–11:54

चांद्र पंचांग

चांद्र मास (अमांत)कार्तिक
पक्षशुक्ल पक्ष

आज चंद्र राशि के अनुसार

दोपहर में चंद्रमा धनु में है, मूल नक्षत्र में। 17:17 बजे वह पूर्वाषाढा नक्षत्र में प्रवेश करता है।

आपकी चंद्र राशिआपकी राशि से आज का चंद्रमाआपके नक्षत्र से तारा बलआज किसके लिए अनुकूल
मेषनौवाँ भाव · सामान्यअश्विनी: जन्म ○ → संपत् ✓
भरणी: अतिमित्र ✓ → जन्म ○
कृत्तिका: मित्र ✓ → अतिमित्र ✓
गुरु, प्रार्थना, अध्ययन और लंबी यात्राओं की योजना।
वृषभआठवाँ भाव · कमज़ोरकृत्तिका: मित्र ✓ → अतिमित्र ✓
रोहिणी: वध × → मित्र ✓
मृगशिरा: साधक ✓ → वध ×
शांत दिन: जोखिम भरे फ़ैसले और पैसों के मामले टालें, बारीकियाँ जाँच लें।
मिथुनसातवाँ भाव · बलवानमृगशिरा: साधक ✓ → वध ×
आर्द्रा: प्रत्यरि × → साधक ✓
पुनर्वसु: क्षेम ✓ → प्रत्यरि ×
मुलाक़ातें, साझेदारी और समझौते अच्छे चलते हैं।
कर्कछठा भाव · बलवानपुनर्वसु: क्षेम ✓ → प्रत्यरि ×
पुष्य: विपत् × → क्षेम ✓
आश्लेषा: संपत् ✓ → विपत् ×
अटके काम निपटाने, सेहत की दिनचर्या बनाने और विवाद सुलझाने के लिए अच्छा।
सिंहपाँचवाँ भाव · सामान्यमघा: जन्म ○ → संपत् ✓
पूर्वा फाल्गुनी: अतिमित्र ✓ → जन्म ○
उत्तरा फाल्गुनी: मित्र ✓ → अतिमित्र ✓
पढ़ाई, बच्चे और रचनात्मक काम; जोखिम भरे दाँव से दूर रहें।
कन्याचौथा भाव · कमज़ोरउत्तरा फाल्गुनी: मित्र ✓ → अतिमित्र ✓
हस्त: वध × → मित्र ✓
चित्रा: साधक ✓ → वध ×
घर और मन की शांति पर ध्यान दें: घर का दिन है, बड़े काम शुरू करने का नहीं।
तुलातीसरा भाव · बलवानचित्रा: साधक ✓ → वध ×
स्वाती: प्रत्यरि × → साधक ✓
विशाखा: क्षेम ✓ → प्रत्यरि ×
भाग-दौड़, फ़ोन, छोटी यात्राओं और छोटी शुरुआतों के लिए ऊर्जा।
वृश्चिकदूसरा भाव · सामान्यविशाखा: क्षेम ✓ → प्रत्यरि ×
अनुराधा: विपत् × → क्षेम ✓
ज्येष्ठा: संपत् ✓ → विपत् ×
परिवार, भोजन और पैसों की बातें। नरमी से बोलें, और आज उधार देने से बचें।
धनुपहला भाव · बलवानमूल: जन्म ○ → संपत् ✓
पूर्वाषाढा: अतिमित्र ✓ → जन्म ○
उत्तराषाढा: मित्र ✓ → अतिमित्र ✓
चंद्रमा आपकी अपनी राशि पर है: मन भावुक रहेगा। निजी काम, आराम और शरीर की देखभाल के लिए अच्छा दिन।
मकरबारहवाँ भाव · कमज़ोरउत्तराषाढा: मित्र ✓ → अतिमित्र ✓
श्रवण: वध × → मित्र ✓
धनिष्ठा: साधक ✓ → वध ×
आराम, एकांत और काम पूरे करना; ख़र्च और नींद का ध्यान रखें।
कुंभग्यारहवाँ भाव · बलवानधनिष्ठा: साधक ✓ → वध ×
शतभिषा: प्रत्यरि × → साधक ✓
पूर्वा भाद्रपद: क्षेम ✓ → प्रत्यरि ×
लाभ, मित्र और अनुरोध: जो चाहिए, माँग लीजिए।
मीनदसवाँ भाव · बलवानपूर्वा भाद्रपद: क्षेम ✓ → प्रत्यरि ×
उत्तरा भाद्रपद: विपत् × → क्षेम ✓
रेवती: संपत् ✓ → विपत् ×
काम और सार्वजनिक ज़िम्मेदारियाँ: अपना किया हुआ काम दिखाने का दिन।

चंद्र बल आज के चंद्रमा को आपकी जन्म राशि से गिनता है: पहले, तीसरे, छठे, सातवें, दसवें और ग्यारहवें भाव में बलवान, चौथे, आठवें और बारहवें में कमज़ोर। तारा बल आज के नक्षत्र को आपके जन्म नक्षत्र से नौ-नौ करके गिनता है: ✓ शुभ, ○ आपका अपना तारा (मिश्रित), × महत्वपूर्ण शुरुआत के लिए नहीं। यह आपकी चंद्र राशि वाले सभी लोगों के लिए सामान्य फल है; अधिक निर्णय आपकी कुंडली और चल रही दशा करती है।

जयपुर के लिए समय कैसे पढ़ें

इस पृष्ठ के सभी समय जयपुर के स्थानीय समय में हैं। अगर तिथि या नक्षत्र दिन में बदलता है, तो बदलने के क्षण से नया मान लागू होता है, इसलिए सुबह और शाम के मान अलग हो सकते हैं। किसी दूसरे शहर की यात्रा हो तो गंतव्य का पंचांग देखें।

पंचांग के पाँच अंग, राहुकाल, अभिजित और अमृत काल का अर्थ मुख्य पंचांग पृष्ठ पर समझाया गया है। अपने सटीक स्थान और जन्म चंद्रमा के अनुसार व्यक्तिगत आकलन के लिए मिनी ऐप में जयपुर या अपना स्थान चुनें।

सवाल-जवाब

जयपुर का पंचांग कब अपडेट होता है?
हर दिन: मान जयपुर के स्थानीय समय में आज की तारीख के लिए निकाले जाते हैं।
यहाँ सूर्योदय मौसम पूर्वानुमान से अलग क्यों है?
JyotiSoft सूर्योदय सूर्य बिंब के केंद्र से, बिना वायुमंडलीय अपवर्तन के गिनता है; मौसम सेवाएँ और कई पंचांग ऊपरी किनारा और अपवर्तन लेते हैं। इसलिए सूर्योदय में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है, और राहुकाल व दूसरे काल भी उसी के साथ खिसकते हैं।
जयपुर में आज राहुकाल कब है?
राहुकाल हर दिन बदलता है: यह जयपुर के स्थानीय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिनमान का आठवाँ भाग है, और कौन-सा भाग होगा, यह सप्ताह के दिन से तय होता है। आज का समय ऊपर की तालिका में है; यमगंड और गुलिक काल भी उसी तरह गिने जाते हैं।
क्या जयपुर का पंचांग पास के शहर के लिए भी सही है?
पास के शहरों में समय कुछ मिनट अलग हो सकता है; अंतर देशांतर, अक्षांश, ऋतु और समय-क्षेत्र पर निर्भर करता है। अपने स्थान के सटीक पंचांग के लिए मिनी ऐप में स्थान चुनें।

यह भी देखें

स्थितियाँ और तालिकाएँ: निरयण राशिचक्र, लाहिरी अयनांश — जैसा पेशेवर ज्योतिषी उपयोग करते हैं; वही गणना जिससे JyotiSoft कुंडली बनाता है।

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