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पंचांग

पंचांग — जयपुर, 3 दिसंबर 2026

जयपुर के लिए दिन का वैदिक पंचांग: पंचांग के पाँच अंग उनके बदलने के समय के साथ, सूर्योदय और सूर्यास्त, अशुभ और शुभ काल। हर दिन स्थानीय सूर्योदय से दोबारा गणना।

पिछला दिन · अगला दिन · आज

3 दिसंबर 2026

अगला पर्व: विवाह पंचमी — 14 दिसंबर 2026, 11 दिन में।

अंगमानकिसके लिए शुभ
तिथिदशमी (कृष्ण पक्ष) तक 23:04सफलता, शुभ कार्य, यात्रा
नक्षत्रउत्तरा फाल्गुनी तक 09:24साझेदारी, अनुबंध, विवाह
योगप्रीति तक 09:15प्रेम, मित्रता, मेल-मिलाप
करणवणिज तक 10:54व्यापार, सौदे
वारगुरुवार ज्ञान, गुरु, वित्त

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय06:59
सूर्यास्त17:33
चंद्रोदय01:45
चंद्रास्त13:40

अशुभ काल

राहुकाल13:35–14:54
यमगंड06:59–08:18
गुलिक काल09:38–10:57

शुभ मुहूर्त

अभिजित11:55–12:37
अमृत काल02:03–03:41

चांद्र पंचांग

चांद्र मास (अमांत)कार्तिक
पक्षकृष्ण पक्ष

आज चंद्र राशि के अनुसार

दोपहर में चंद्रमा कन्या में है, हस्त नक्षत्र में। वह 09:24 बजे हस्त नक्षत्र में आया।

आपकी चंद्र राशिआपकी राशि से आज का चंद्रमाआपके नक्षत्र से तारा बलआज किसके लिए अनुकूल
मेषछठा भाव · बलवानअश्विनी: विपत् × → क्षेम ✓
भरणी: संपत् ✓ → विपत् ×
कृत्तिका: जन्म ○ → संपत् ✓
अटके काम निपटाने, सेहत की दिनचर्या बनाने और विवाद सुलझाने के लिए अच्छा।
वृषभपाँचवाँ भाव · सामान्यकृत्तिका: जन्म ○ → संपत् ✓
रोहिणी: अतिमित्र ✓ → जन्म ○
मृगशिरा: मित्र ✓ → अतिमित्र ✓
पढ़ाई, बच्चे और रचनात्मक काम; जोखिम भरे दाँव से दूर रहें।
मिथुनचौथा भाव · कमज़ोरमृगशिरा: मित्र ✓ → अतिमित्र ✓
आर्द्रा: वध × → मित्र ✓
पुनर्वसु: साधक ✓ → वध ×
घर और मन की शांति पर ध्यान दें: घर का दिन है, बड़े काम शुरू करने का नहीं।
कर्कतीसरा भाव · बलवानपुनर्वसु: साधक ✓ → वध ×
पुष्य: प्रत्यरि × → साधक ✓
आश्लेषा: क्षेम ✓ → प्रत्यरि ×
भाग-दौड़, फ़ोन, छोटी यात्राओं और छोटी शुरुआतों के लिए ऊर्जा।
सिंहदूसरा भाव · सामान्यमघा: विपत् × → क्षेम ✓
पूर्वा फाल्गुनी: संपत् ✓ → विपत् ×
उत्तरा फाल्गुनी: जन्म ○ → संपत् ✓
परिवार, भोजन और पैसों की बातें। नरमी से बोलें, और आज उधार देने से बचें।
कन्यापहला भाव · बलवानउत्तरा फाल्गुनी: जन्म ○ → संपत् ✓
हस्त: अतिमित्र ✓ → जन्म ○
चित्रा: मित्र ✓ → अतिमित्र ✓
चंद्रमा आपकी अपनी राशि पर है: मन भावुक रहेगा। निजी काम, आराम और शरीर की देखभाल के लिए अच्छा दिन।
तुलाबारहवाँ भाव · कमज़ोरचित्रा: मित्र ✓ → अतिमित्र ✓
स्वाती: वध × → मित्र ✓
विशाखा: साधक ✓ → वध ×
आराम, एकांत और काम पूरे करना; ख़र्च और नींद का ध्यान रखें।
वृश्चिकग्यारहवाँ भाव · बलवानविशाखा: साधक ✓ → वध ×
अनुराधा: प्रत्यरि × → साधक ✓
ज्येष्ठा: क्षेम ✓ → प्रत्यरि ×
लाभ, मित्र और अनुरोध: जो चाहिए, माँग लीजिए।
धनुदसवाँ भाव · बलवानमूल: विपत् × → क्षेम ✓
पूर्वाषाढा: संपत् ✓ → विपत् ×
उत्तराषाढा: जन्म ○ → संपत् ✓
काम और सार्वजनिक ज़िम्मेदारियाँ: अपना किया हुआ काम दिखाने का दिन।
मकरनौवाँ भाव · सामान्यउत्तराषाढा: जन्म ○ → संपत् ✓
श्रवण: अतिमित्र ✓ → जन्म ○
धनिष्ठा: मित्र ✓ → अतिमित्र ✓
गुरु, प्रार्थना, अध्ययन और लंबी यात्राओं की योजना।
कुंभआठवाँ भाव · कमज़ोरधनिष्ठा: मित्र ✓ → अतिमित्र ✓
शतभिषा: वध × → मित्र ✓
पूर्वा भाद्रपद: साधक ✓ → वध ×
शांत दिन: जोखिम भरे फ़ैसले और पैसों के मामले टालें, बारीकियाँ जाँच लें।
मीनसातवाँ भाव · बलवानपूर्वा भाद्रपद: साधक ✓ → वध ×
उत्तरा भाद्रपद: प्रत्यरि × → साधक ✓
रेवती: क्षेम ✓ → प्रत्यरि ×
मुलाक़ातें, साझेदारी और समझौते अच्छे चलते हैं।

चंद्र बल आज के चंद्रमा को आपकी जन्म राशि से गिनता है: पहले, तीसरे, छठे, सातवें, दसवें और ग्यारहवें भाव में बलवान, चौथे, आठवें और बारहवें में कमज़ोर। तारा बल आज के नक्षत्र को आपके जन्म नक्षत्र से नौ-नौ करके गिनता है: ✓ शुभ, ○ आपका अपना तारा (मिश्रित), × महत्वपूर्ण शुरुआत के लिए नहीं। यह आपकी चंद्र राशि वाले सभी लोगों के लिए सामान्य फल है; अधिक निर्णय आपकी कुंडली और चल रही दशा करती है।

जयपुर के लिए समय कैसे पढ़ें

इस पृष्ठ के सभी समय जयपुर के स्थानीय समय में हैं। अगर तिथि या नक्षत्र दिन में बदलता है, तो बदलने के क्षण से नया मान लागू होता है, इसलिए सुबह और शाम के मान अलग हो सकते हैं। किसी दूसरे शहर की यात्रा हो तो गंतव्य का पंचांग देखें।

पंचांग के पाँच अंग, राहुकाल, अभिजित और अमृत काल का अर्थ मुख्य पंचांग पृष्ठ पर समझाया गया है। अपने सटीक स्थान और जन्म चंद्रमा के अनुसार व्यक्तिगत आकलन के लिए मिनी ऐप में जयपुर या अपना स्थान चुनें।

सवाल-जवाब

जयपुर का पंचांग कब अपडेट होता है?
हर दिन: मान जयपुर के स्थानीय समय में आज की तारीख के लिए निकाले जाते हैं।
यहाँ सूर्योदय मौसम पूर्वानुमान से अलग क्यों है?
JyotiSoft सूर्योदय सूर्य बिंब के केंद्र से, बिना वायुमंडलीय अपवर्तन के गिनता है; मौसम सेवाएँ और कई पंचांग ऊपरी किनारा और अपवर्तन लेते हैं। इसलिए सूर्योदय में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है, और राहुकाल व दूसरे काल भी उसी के साथ खिसकते हैं।
जयपुर में आज राहुकाल कब है?
राहुकाल हर दिन बदलता है: यह जयपुर के स्थानीय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिनमान का आठवाँ भाग है, और कौन-सा भाग होगा, यह सप्ताह के दिन से तय होता है। आज का समय ऊपर की तालिका में है; यमगंड और गुलिक काल भी उसी तरह गिने जाते हैं।
क्या जयपुर का पंचांग पास के शहर के लिए भी सही है?
पास के शहरों में समय कुछ मिनट अलग हो सकता है; अंतर देशांतर, अक्षांश, ऋतु और समय-क्षेत्र पर निर्भर करता है। अपने स्थान के सटीक पंचांग के लिए मिनी ऐप में स्थान चुनें।

यह भी देखें

स्थितियाँ और तालिकाएँ: निरयण राशिचक्र, लाहिरी अयनांश — जैसा पेशेवर ज्योतिषी उपयोग करते हैं; वही गणना जिससे JyotiSoft कुंडली बनाता है।

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  • वर्तमान और आगामी दशाओं का एक वैदिक विश्लेषण
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