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पंचांग

पंचांग — कोलकाता, 24 अक्टूबर 2026

कोलकाता के लिए दिन का वैदिक पंचांग: पंचांग के पाँच अंग उनके बदलने के समय के साथ, सूर्योदय और सूर्यास्त, अशुभ और शुभ काल। हर दिन स्थानीय सूर्योदय से दोबारा गणना।

पिछला दिन · अगला दिन · आज

24 अक्टूबर 2026

अगला पर्व: शरद पूर्णिमा · कोजागरी — 25 अक्टूबर 2026, कल।

अंगमानकिसके लिए शुभ
तिथित्रयोदशी (शुक्ल पक्ष) तक 13:37मित्रता, आनंद, उत्सव
नक्षत्रउत्तरा भाद्रपद तक 20:32गहराई, स्थिरता, दान
योगव्याघात तक 20:01टकराव; नई शुरुआत के लिए नहीं
करणतैतिल तक 13:37घर, निर्माण, आभूषण
वारशनिवार अनुशासन, परिश्रम, कार्य पूर्ण करना

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय05:36
सूर्यास्त17:04
चंद्रोदय15:43
चंद्रास्त03:27

अशुभ काल

राहुकाल08:28–09:54
यमगंड12:46–14:12
गुलिक काल05:36–07:02

शुभ मुहूर्त

अभिजित10:57–11:43
अमृत काल15:51–17:24

चांद्र पंचांग

चांद्र मास (अमांत)आश्विन
पक्षशुक्ल पक्ष

आज चंद्र राशि के अनुसार

दोपहर में चंद्रमा मीन में है, उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र में। 20:32 बजे वह रेवती नक्षत्र में प्रवेश करता है।

आपकी चंद्र राशिआपकी राशि से आज का चंद्रमाआपके नक्षत्र से तारा बलआज किसके लिए अनुकूल
मेषबारहवाँ भाव · कमज़ोरअश्विनी: मित्र ✓ → अतिमित्र ✓
भरणी: वध × → मित्र ✓
कृत्तिका: साधक ✓ → वध ×
आराम, एकांत और काम पूरे करना; ख़र्च और नींद का ध्यान रखें।
वृषभग्यारहवाँ भाव · बलवानकृत्तिका: साधक ✓ → वध ×
रोहिणी: प्रत्यरि × → साधक ✓
मृगशिरा: क्षेम ✓ → प्रत्यरि ×
लाभ, मित्र और अनुरोध: जो चाहिए, माँग लीजिए।
मिथुनदसवाँ भाव · बलवानमृगशिरा: क्षेम ✓ → प्रत्यरि ×
आर्द्रा: विपत् × → क्षेम ✓
पुनर्वसु: संपत् ✓ → विपत् ×
काम और सार्वजनिक ज़िम्मेदारियाँ: अपना किया हुआ काम दिखाने का दिन।
कर्कनौवाँ भाव · सामान्यपुनर्वसु: संपत् ✓ → विपत् ×
पुष्य: जन्म ○ → संपत् ✓
आश्लेषा: अतिमित्र ✓ → जन्म ○
गुरु, प्रार्थना, अध्ययन और लंबी यात्राओं की योजना।
सिंहआठवाँ भाव · कमज़ोरमघा: मित्र ✓ → अतिमित्र ✓
पूर्वा फाल्गुनी: वध × → मित्र ✓
उत्तरा फाल्गुनी: साधक ✓ → वध ×
शांत दिन: जोखिम भरे फ़ैसले और पैसों के मामले टालें, बारीकियाँ जाँच लें।
कन्यासातवाँ भाव · बलवानउत्तरा फाल्गुनी: साधक ✓ → वध ×
हस्त: प्रत्यरि × → साधक ✓
चित्रा: क्षेम ✓ → प्रत्यरि ×
मुलाक़ातें, साझेदारी और समझौते अच्छे चलते हैं।
तुलाछठा भाव · बलवानचित्रा: क्षेम ✓ → प्रत्यरि ×
स्वाती: विपत् × → क्षेम ✓
विशाखा: संपत् ✓ → विपत् ×
अटके काम निपटाने, सेहत की दिनचर्या बनाने और विवाद सुलझाने के लिए अच्छा।
वृश्चिकपाँचवाँ भाव · सामान्यविशाखा: संपत् ✓ → विपत् ×
अनुराधा: जन्म ○ → संपत् ✓
ज्येष्ठा: अतिमित्र ✓ → जन्म ○
पढ़ाई, बच्चे और रचनात्मक काम; जोखिम भरे दाँव से दूर रहें।
धनुचौथा भाव · कमज़ोरमूल: मित्र ✓ → अतिमित्र ✓
पूर्वाषाढा: वध × → मित्र ✓
उत्तराषाढा: साधक ✓ → वध ×
घर और मन की शांति पर ध्यान दें: घर का दिन है, बड़े काम शुरू करने का नहीं।
मकरतीसरा भाव · बलवानउत्तराषाढा: साधक ✓ → वध ×
श्रवण: प्रत्यरि × → साधक ✓
धनिष्ठा: क्षेम ✓ → प्रत्यरि ×
भाग-दौड़, फ़ोन, छोटी यात्राओं और छोटी शुरुआतों के लिए ऊर्जा।
कुंभदूसरा भाव · सामान्यधनिष्ठा: क्षेम ✓ → प्रत्यरि ×
शतभिषा: विपत् × → क्षेम ✓
पूर्वा भाद्रपद: संपत् ✓ → विपत् ×
परिवार, भोजन और पैसों की बातें। नरमी से बोलें, और आज उधार देने से बचें।
मीनपहला भाव · बलवानपूर्वा भाद्रपद: संपत् ✓ → विपत् ×
उत्तरा भाद्रपद: जन्म ○ → संपत् ✓
रेवती: अतिमित्र ✓ → जन्म ○
चंद्रमा आपकी अपनी राशि पर है: मन भावुक रहेगा। निजी काम, आराम और शरीर की देखभाल के लिए अच्छा दिन।

चंद्र बल आज के चंद्रमा को आपकी जन्म राशि से गिनता है: पहले, तीसरे, छठे, सातवें, दसवें और ग्यारहवें भाव में बलवान, चौथे, आठवें और बारहवें में कमज़ोर। तारा बल आज के नक्षत्र को आपके जन्म नक्षत्र से नौ-नौ करके गिनता है: ✓ शुभ, ○ आपका अपना तारा (मिश्रित), × महत्वपूर्ण शुरुआत के लिए नहीं। यह आपकी चंद्र राशि वाले सभी लोगों के लिए सामान्य फल है; अधिक निर्णय आपकी कुंडली और चल रही दशा करती है।

कोलकाता के लिए समय कैसे पढ़ें

इस पृष्ठ के सभी समय कोलकाता के स्थानीय समय में हैं। अगर तिथि या नक्षत्र दिन में बदलता है, तो बदलने के क्षण से नया मान लागू होता है, इसलिए सुबह और शाम के मान अलग हो सकते हैं। किसी दूसरे शहर की यात्रा हो तो गंतव्य का पंचांग देखें।

पंचांग के पाँच अंग, राहुकाल, अभिजित और अमृत काल का अर्थ मुख्य पंचांग पृष्ठ पर समझाया गया है। अपने सटीक स्थान और जन्म चंद्रमा के अनुसार व्यक्तिगत आकलन के लिए मिनी ऐप में कोलकाता या अपना स्थान चुनें।

सवाल-जवाब

कोलकाता का पंचांग कब अपडेट होता है?
हर दिन: मान कोलकाता के स्थानीय समय में आज की तारीख के लिए निकाले जाते हैं।
यहाँ सूर्योदय मौसम पूर्वानुमान से अलग क्यों है?
JyotiSoft सूर्योदय सूर्य बिंब के केंद्र से, बिना वायुमंडलीय अपवर्तन के गिनता है; मौसम सेवाएँ और कई पंचांग ऊपरी किनारा और अपवर्तन लेते हैं। इसलिए सूर्योदय में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है, और राहुकाल व दूसरे काल भी उसी के साथ खिसकते हैं।
कोलकाता में आज राहुकाल कब है?
राहुकाल हर दिन बदलता है: यह कोलकाता के स्थानीय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिनमान का आठवाँ भाग है, और कौन-सा भाग होगा, यह सप्ताह के दिन से तय होता है। आज का समय ऊपर की तालिका में है; यमगंड और गुलिक काल भी उसी तरह गिने जाते हैं।
क्या कोलकाता का पंचांग पास के शहर के लिए भी सही है?
पास के शहरों में समय कुछ मिनट अलग हो सकता है; अंतर देशांतर, अक्षांश, ऋतु और समय-क्षेत्र पर निर्भर करता है। अपने स्थान के सटीक पंचांग के लिए मिनी ऐप में स्थान चुनें।

यह भी देखें

स्थितियाँ और तालिकाएँ: निरयण राशिचक्र, लाहिरी अयनांश — जैसा पेशेवर ज्योतिषी उपयोग करते हैं; वही गणना जिससे JyotiSoft कुंडली बनाता है।

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  • वर्तमान और आगामी दशाओं का एक वैदिक विश्लेषण
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