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पंचांग

पंचांग — लखनऊ, 30 अक्टूबर 2026

लखनऊ के लिए दिन का वैदिक पंचांग: पंचांग के पाँच अंग उनके बदलने के समय के साथ, सूर्योदय और सूर्यास्त, अशुभ और शुभ काल। हर दिन स्थानीय सूर्योदय से दोबारा गणना।

पिछला दिन · अगला दिन · आज

30 अक्टूबर 2026

अगला पर्व: अहोई अष्टमी — 1 नवंबर 2026, 2 दिन में।

अंगमानकिसके लिए शुभ
तिथिपंचमी (कृष्ण पक्ष) तक 19:25उपचार, औषधि, शुभ कार्य
नक्षत्रमृगशिरा तक 09:05खोज, अध्ययन, यात्रा
योगशिव तक 20:42साधना, अध्ययन
करणकौलव तक 08:46मित्रता, मेल-जोल
वारशुक्रवार संबंध, सौंदर्य, खरीदारी

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय06:14
सूर्यास्त17:25
चंद्रोदय21:12
चंद्रास्त10:36

अशुभ काल

राहुकाल10:25–11:49
यमगंड14:37–16:01
गुलिक काल07:38–09:01

शुभ मुहूर्त

अभिजित11:27–12:12
अमृत काल01:03–02:31 · 21:59–23:28

चांद्र पंचांग

चांद्र मास (अमांत)आश्विन
पक्षकृष्ण पक्ष

आज चंद्र राशि के अनुसार

दोपहर में चंद्रमा मिथुन में है, आर्द्रा नक्षत्र में। वह 09:05 बजे आर्द्रा नक्षत्र में आया।

आपकी चंद्र राशिआपकी राशि से आज का चंद्रमाआपके नक्षत्र से तारा बलआज किसके लिए अनुकूल
मेषतीसरा भाव · बलवानअश्विनी: प्रत्यरि × → साधक ✓
भरणी: क्षेम ✓ → प्रत्यरि ×
कृत्तिका: विपत् × → क्षेम ✓
भाग-दौड़, फ़ोन, छोटी यात्राओं और छोटी शुरुआतों के लिए ऊर्जा।
वृषभदूसरा भाव · सामान्यकृत्तिका: विपत् × → क्षेम ✓
रोहिणी: संपत् ✓ → विपत् ×
मृगशिरा: जन्म ○ → संपत् ✓
परिवार, भोजन और पैसों की बातें। नरमी से बोलें, और आज उधार देने से बचें।
मिथुनपहला भाव · बलवानमृगशिरा: जन्म ○ → संपत् ✓
आर्द्रा: अतिमित्र ✓ → जन्म ○
पुनर्वसु: मित्र ✓ → अतिमित्र ✓
चंद्रमा आपकी अपनी राशि पर है: मन भावुक रहेगा। निजी काम, आराम और शरीर की देखभाल के लिए अच्छा दिन।
कर्कबारहवाँ भाव · कमज़ोरपुनर्वसु: मित्र ✓ → अतिमित्र ✓
पुष्य: वध × → मित्र ✓
आश्लेषा: साधक ✓ → वध ×
आराम, एकांत और काम पूरे करना; ख़र्च और नींद का ध्यान रखें।
सिंहग्यारहवाँ भाव · बलवानमघा: प्रत्यरि × → साधक ✓
पूर्वा फाल्गुनी: क्षेम ✓ → प्रत्यरि ×
उत्तरा फाल्गुनी: विपत् × → क्षेम ✓
लाभ, मित्र और अनुरोध: जो चाहिए, माँग लीजिए।
कन्यादसवाँ भाव · बलवानउत्तरा फाल्गुनी: विपत् × → क्षेम ✓
हस्त: संपत् ✓ → विपत् ×
चित्रा: जन्म ○ → संपत् ✓
काम और सार्वजनिक ज़िम्मेदारियाँ: अपना किया हुआ काम दिखाने का दिन।
तुलानौवाँ भाव · सामान्यचित्रा: जन्म ○ → संपत् ✓
स्वाती: अतिमित्र ✓ → जन्म ○
विशाखा: मित्र ✓ → अतिमित्र ✓
गुरु, प्रार्थना, अध्ययन और लंबी यात्राओं की योजना।
वृश्चिकआठवाँ भाव · कमज़ोरविशाखा: मित्र ✓ → अतिमित्र ✓
अनुराधा: वध × → मित्र ✓
ज्येष्ठा: साधक ✓ → वध ×
शांत दिन: जोखिम भरे फ़ैसले और पैसों के मामले टालें, बारीकियाँ जाँच लें।
धनुसातवाँ भाव · बलवानमूल: प्रत्यरि × → साधक ✓
पूर्वाषाढा: क्षेम ✓ → प्रत्यरि ×
उत्तराषाढा: विपत् × → क्षेम ✓
मुलाक़ातें, साझेदारी और समझौते अच्छे चलते हैं।
मकरछठा भाव · बलवानउत्तराषाढा: विपत् × → क्षेम ✓
श्रवण: संपत् ✓ → विपत् ×
धनिष्ठा: जन्म ○ → संपत् ✓
अटके काम निपटाने, सेहत की दिनचर्या बनाने और विवाद सुलझाने के लिए अच्छा।
कुंभपाँचवाँ भाव · सामान्यधनिष्ठा: जन्म ○ → संपत् ✓
शतभिषा: अतिमित्र ✓ → जन्म ○
पूर्वा भाद्रपद: मित्र ✓ → अतिमित्र ✓
पढ़ाई, बच्चे और रचनात्मक काम; जोखिम भरे दाँव से दूर रहें।
मीनचौथा भाव · कमज़ोरपूर्वा भाद्रपद: मित्र ✓ → अतिमित्र ✓
उत्तरा भाद्रपद: वध × → मित्र ✓
रेवती: साधक ✓ → वध ×
घर और मन की शांति पर ध्यान दें: घर का दिन है, बड़े काम शुरू करने का नहीं।

चंद्र बल आज के चंद्रमा को आपकी जन्म राशि से गिनता है: पहले, तीसरे, छठे, सातवें, दसवें और ग्यारहवें भाव में बलवान, चौथे, आठवें और बारहवें में कमज़ोर। तारा बल आज के नक्षत्र को आपके जन्म नक्षत्र से नौ-नौ करके गिनता है: ✓ शुभ, ○ आपका अपना तारा (मिश्रित), × महत्वपूर्ण शुरुआत के लिए नहीं। यह आपकी चंद्र राशि वाले सभी लोगों के लिए सामान्य फल है; अधिक निर्णय आपकी कुंडली और चल रही दशा करती है।

लखनऊ के लिए समय कैसे पढ़ें

इस पृष्ठ के सभी समय लखनऊ के स्थानीय समय में हैं। अगर तिथि या नक्षत्र दिन में बदलता है, तो बदलने के क्षण से नया मान लागू होता है, इसलिए सुबह और शाम के मान अलग हो सकते हैं। किसी दूसरे शहर की यात्रा हो तो गंतव्य का पंचांग देखें।

पंचांग के पाँच अंग, राहुकाल, अभिजित और अमृत काल का अर्थ मुख्य पंचांग पृष्ठ पर समझाया गया है। अपने सटीक स्थान और जन्म चंद्रमा के अनुसार व्यक्तिगत आकलन के लिए मिनी ऐप में लखनऊ या अपना स्थान चुनें।

सवाल-जवाब

लखनऊ का पंचांग कब अपडेट होता है?
हर दिन: मान लखनऊ के स्थानीय समय में आज की तारीख के लिए निकाले जाते हैं।
यहाँ सूर्योदय मौसम पूर्वानुमान से अलग क्यों है?
JyotiSoft सूर्योदय सूर्य बिंब के केंद्र से, बिना वायुमंडलीय अपवर्तन के गिनता है; मौसम सेवाएँ और कई पंचांग ऊपरी किनारा और अपवर्तन लेते हैं। इसलिए सूर्योदय में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है, और राहुकाल व दूसरे काल भी उसी के साथ खिसकते हैं।
लखनऊ में आज राहुकाल कब है?
राहुकाल हर दिन बदलता है: यह लखनऊ के स्थानीय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिनमान का आठवाँ भाग है, और कौन-सा भाग होगा, यह सप्ताह के दिन से तय होता है। आज का समय ऊपर की तालिका में है; यमगंड और गुलिक काल भी उसी तरह गिने जाते हैं।
क्या लखनऊ का पंचांग पास के शहर के लिए भी सही है?
पास के शहरों में समय कुछ मिनट अलग हो सकता है; अंतर देशांतर, अक्षांश, ऋतु और समय-क्षेत्र पर निर्भर करता है। अपने स्थान के सटीक पंचांग के लिए मिनी ऐप में स्थान चुनें।

यह भी देखें

स्थितियाँ और तालिकाएँ: निरयण राशिचक्र, लाहिरी अयनांश — जैसा पेशेवर ज्योतिषी उपयोग करते हैं; वही गणना जिससे JyotiSoft कुंडली बनाता है।

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  • वर्तमान और आगामी दशाओं का एक वैदिक विश्लेषण
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