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पंचांग

पंचांग — लखनऊ, 31 दिसंबर 2026

लखनऊ के लिए दिन का वैदिक पंचांग: पंचांग के पाँच अंग उनके बदलने के समय के साथ, सूर्योदय और सूर्यास्त, अशुभ और शुभ काल। हर दिन स्थानीय सूर्योदय से दोबारा गणना।

पिछला दिन · आज

31 दिसंबर 2026

अगला पर्व: लोहड़ी — 14 जनवरी 2027, 14 दिन में।

अंगमानकिसके लिए शुभ
तिथिअष्टमी (कृष्ण पक्ष) तक 12:33रक्षा, दृढ़ता, साधना
नक्षत्रहस्त तक 16:14शिल्प, व्यापार, शीघ्र कार्य
योगशोभन तक 12:27सौंदर्य, उत्सव, खरीदारी
करणकौलव तक 12:33मित्रता, मेल-जोल
वारगुरुवार ज्ञान, गुरु, वित्त

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय06:54
सूर्यास्त17:23
चंद्रोदय00:14
चंद्रास्त11:52

अशुभ काल

राहुकाल13:27–14:46
यमगंड06:54–08:13
गुलिक काल09:31–10:50

शुभ मुहूर्त

अभिजित11:48–12:30
अमृत काल10:05–11:43

चांद्र पंचांग

चांद्र मास (अमांत)मार्गशीर्ष
पक्षकृष्ण पक्ष

आज चंद्र राशि के अनुसार

दोपहर में चंद्रमा कन्या में है, हस्त नक्षत्र में। 16:14 बजे वह चित्रा नक्षत्र में प्रवेश करता है।

आपकी चंद्र राशिआपकी राशि से आज का चंद्रमाआपके नक्षत्र से तारा बलआज किसके लिए अनुकूल
मेषछठा भाव · बलवानअश्विनी: क्षेम ✓ → प्रत्यरि ×
भरणी: विपत् × → क्षेम ✓
कृत्तिका: संपत् ✓ → विपत् ×
अटके काम निपटाने, सेहत की दिनचर्या बनाने और विवाद सुलझाने के लिए अच्छा।
वृषभपाँचवाँ भाव · सामान्यकृत्तिका: संपत् ✓ → विपत् ×
रोहिणी: जन्म ○ → संपत् ✓
मृगशिरा: अतिमित्र ✓ → जन्म ○
पढ़ाई, बच्चे और रचनात्मक काम; जोखिम भरे दाँव से दूर रहें।
मिथुनचौथा भाव · कमज़ोरमृगशिरा: अतिमित्र ✓ → जन्म ○
आर्द्रा: मित्र ✓ → अतिमित्र ✓
पुनर्वसु: वध × → मित्र ✓
घर और मन की शांति पर ध्यान दें: घर का दिन है, बड़े काम शुरू करने का नहीं।
कर्कतीसरा भाव · बलवानपुनर्वसु: वध × → मित्र ✓
पुष्य: साधक ✓ → वध ×
आश्लेषा: प्रत्यरि × → साधक ✓
भाग-दौड़, फ़ोन, छोटी यात्राओं और छोटी शुरुआतों के लिए ऊर्जा।
सिंहदूसरा भाव · सामान्यमघा: क्षेम ✓ → प्रत्यरि ×
पूर्वा फाल्गुनी: विपत् × → क्षेम ✓
उत्तरा फाल्गुनी: संपत् ✓ → विपत् ×
परिवार, भोजन और पैसों की बातें। नरमी से बोलें, और आज उधार देने से बचें।
कन्यापहला भाव · बलवानउत्तरा फाल्गुनी: संपत् ✓ → विपत् ×
हस्त: जन्म ○ → संपत् ✓
चित्रा: अतिमित्र ✓ → जन्म ○
चंद्रमा आपकी अपनी राशि पर है: मन भावुक रहेगा। निजी काम, आराम और शरीर की देखभाल के लिए अच्छा दिन।
तुलाबारहवाँ भाव · कमज़ोरचित्रा: अतिमित्र ✓ → जन्म ○
स्वाती: मित्र ✓ → अतिमित्र ✓
विशाखा: वध × → मित्र ✓
आराम, एकांत और काम पूरे करना; ख़र्च और नींद का ध्यान रखें।
वृश्चिकग्यारहवाँ भाव · बलवानविशाखा: वध × → मित्र ✓
अनुराधा: साधक ✓ → वध ×
ज्येष्ठा: प्रत्यरि × → साधक ✓
लाभ, मित्र और अनुरोध: जो चाहिए, माँग लीजिए।
धनुदसवाँ भाव · बलवानमूल: क्षेम ✓ → प्रत्यरि ×
पूर्वाषाढा: विपत् × → क्षेम ✓
उत्तराषाढा: संपत् ✓ → विपत् ×
काम और सार्वजनिक ज़िम्मेदारियाँ: अपना किया हुआ काम दिखाने का दिन।
मकरनौवाँ भाव · सामान्यउत्तराषाढा: संपत् ✓ → विपत् ×
श्रवण: जन्म ○ → संपत् ✓
धनिष्ठा: अतिमित्र ✓ → जन्म ○
गुरु, प्रार्थना, अध्ययन और लंबी यात्राओं की योजना।
कुंभआठवाँ भाव · कमज़ोरधनिष्ठा: अतिमित्र ✓ → जन्म ○
शतभिषा: मित्र ✓ → अतिमित्र ✓
पूर्वा भाद्रपद: वध × → मित्र ✓
शांत दिन: जोखिम भरे फ़ैसले और पैसों के मामले टालें, बारीकियाँ जाँच लें।
मीनसातवाँ भाव · बलवानपूर्वा भाद्रपद: वध × → मित्र ✓
उत्तरा भाद्रपद: साधक ✓ → वध ×
रेवती: प्रत्यरि × → साधक ✓
मुलाक़ातें, साझेदारी और समझौते अच्छे चलते हैं।

चंद्र बल आज के चंद्रमा को आपकी जन्म राशि से गिनता है: पहले, तीसरे, छठे, सातवें, दसवें और ग्यारहवें भाव में बलवान, चौथे, आठवें और बारहवें में कमज़ोर। तारा बल आज के नक्षत्र को आपके जन्म नक्षत्र से नौ-नौ करके गिनता है: ✓ शुभ, ○ आपका अपना तारा (मिश्रित), × महत्वपूर्ण शुरुआत के लिए नहीं। यह आपकी चंद्र राशि वाले सभी लोगों के लिए सामान्य फल है; अधिक निर्णय आपकी कुंडली और चल रही दशा करती है।

लखनऊ के लिए समय कैसे पढ़ें

इस पृष्ठ के सभी समय लखनऊ के स्थानीय समय में हैं। अगर तिथि या नक्षत्र दिन में बदलता है, तो बदलने के क्षण से नया मान लागू होता है, इसलिए सुबह और शाम के मान अलग हो सकते हैं। किसी दूसरे शहर की यात्रा हो तो गंतव्य का पंचांग देखें।

पंचांग के पाँच अंग, राहुकाल, अभिजित और अमृत काल का अर्थ मुख्य पंचांग पृष्ठ पर समझाया गया है। अपने सटीक स्थान और जन्म चंद्रमा के अनुसार व्यक्तिगत आकलन के लिए मिनी ऐप में लखनऊ या अपना स्थान चुनें।

सवाल-जवाब

लखनऊ का पंचांग कब अपडेट होता है?
हर दिन: मान लखनऊ के स्थानीय समय में आज की तारीख के लिए निकाले जाते हैं।
यहाँ सूर्योदय मौसम पूर्वानुमान से अलग क्यों है?
JyotiSoft सूर्योदय सूर्य बिंब के केंद्र से, बिना वायुमंडलीय अपवर्तन के गिनता है; मौसम सेवाएँ और कई पंचांग ऊपरी किनारा और अपवर्तन लेते हैं। इसलिए सूर्योदय में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है, और राहुकाल व दूसरे काल भी उसी के साथ खिसकते हैं।
लखनऊ में आज राहुकाल कब है?
राहुकाल हर दिन बदलता है: यह लखनऊ के स्थानीय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिनमान का आठवाँ भाग है, और कौन-सा भाग होगा, यह सप्ताह के दिन से तय होता है। आज का समय ऊपर की तालिका में है; यमगंड और गुलिक काल भी उसी तरह गिने जाते हैं।
क्या लखनऊ का पंचांग पास के शहर के लिए भी सही है?
पास के शहरों में समय कुछ मिनट अलग हो सकता है; अंतर देशांतर, अक्षांश, ऋतु और समय-क्षेत्र पर निर्भर करता है। अपने स्थान के सटीक पंचांग के लिए मिनी ऐप में स्थान चुनें।

यह भी देखें

स्थितियाँ और तालिकाएँ: निरयण राशिचक्र, लाहिरी अयनांश — जैसा पेशेवर ज्योतिषी उपयोग करते हैं; वही गणना जिससे JyotiSoft कुंडली बनाता है।

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  • वर्तमान और आगामी दशाओं का एक वैदिक विश्लेषण
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