एकादशी 2027
एकादशी 2027 — प्राग
प्राग के लिए 2027 के एकादशी व्रत, हर एक के पारण समय के साथ, शहर के स्थानीय समय (Europe/Prague) में। तिथियाँ वैष्णव नियम और स्वयं प्राग की भोर के अनुसार हैं, इसलिए दूसरे शहरों में कुछ एकादशियाँ दूसरे दिन पड़ सकती हैं।
2027 में 25 व्रत, 3 जनवरी से 23 दिसंबर तक। समय क्षेत्र: Europe/Prague (सर्दियों में UTC+1, गर्मियों में UTC+2)। सभी समय स्थानीय हैं, जहाँ लागू हो वहाँ डेलाइट सेविंग सहित।
| व्रत का दिन | एकादशी | पारण (व्रत खोलना) |
|---|---|---|
| रविवार, 3 जनवरी | सफला कृष्ण पक्ष | 4 जनवरी, 08:00–10:45 |
| सोमवार, 18 जनवरी | पौष पुत्रदा शुक्ल पक्ष | 19 जनवरी, 08:33–10:46 |
| मंगलवार, 2 फ़रवरी | षटतिला कृष्ण पक्ष · महाद्वादशी: व्रत द्वादशी के दिन रखा जाता है | 3 फ़रवरी, 07:33–09:21 |
| बुधवार, 17 फ़रवरी | जया शुक्ल पक्ष | 18 फ़रवरी, 07:08–09:58 |
| बुधवार, 3 मार्च | विजया कृष्ण पक्ष | 4 मार्च, 09:32–10:23 |
| गुरुवार, 18 मार्च | आमलकी शुक्ल पक्ष | 19 मार्च, 06:08–10:10 |
| शुक्रवार, 2 अप्रैल | पापमोचिनी कृष्ण पक्ष | 3 अप्रैल, 06:35–10:56 |
| शनिवार, 17 अप्रैल | कामदा शुक्ल पक्ष · एकादशी तिथि अगले सूर्योदय से पहले समाप्त हो जाती है (क्षय) | 18 अप्रैल, 06:04–10:43 |
| रविवार, 2 मई | वरूथिनी कृष्ण पक्ष | 3 मई, 05:35–10:32 |
| रविवार, 16 मई | मोहिनी शुक्ल पक्ष | 17 मई, 05:14–10:24 |
| मंगलवार, 1 जून | अपरा कृष्ण पक्ष | 2 जून, 04:57–04:59 |
| सोमवार, 14 जून | निर्जला शुक्ल पक्ष | 15 जून, 04:52–10:19 |
| बुधवार, 30 जून | योगिनी कृष्ण पक्ष | 1 जुलाई, 04:56–10:23 |
| बुधवार, 14 जुलाई | देवशयनी शुक्ल पक्ष | 15 जुलाई, 05:09–10:28 |
| शुक्रवार, 30 जुलाई | कामिका कृष्ण पक्ष · भोर से पहले एकादशी दशमी से मिली है: व्रत अगले दिन चला जाता है | 31 जुलाई, 05:29–10:35 |
| गुरुवार, 12 अगस्त | श्रावण पुत्रदा शुक्ल पक्ष | 13 अगस्त, 06:05–10:40 |
| शनिवार, 28 अगस्त | अजा कृष्ण पक्ष · महाद्वादशी: व्रत द्वादशी के दिन रखा जाता है | 29 अगस्त, 06:12–10:46 |
| शनिवार, 11 सितंबर | परिवर्तिनी शुक्ल पक्ष | 12 सितंबर, 06:33–10:50 |
| रविवार, 26 सितंबर | इन्दिरा कृष्ण पक्ष | 27 सितंबर, 06:55–10:54 |
| सोमवार, 11 अक्टूबर | पापांकुशा शुक्ल पक्ष | 12 अक्टूबर, 07:19–10:58 |
| सोमवार, 25 अक्टूबर | रमा कृष्ण पक्ष | 26 अक्टूबर, 07:41–11:04 |
| मंगलवार, 9 नवंबर | देवउठनी शुक्ल पक्ष | 10 नवंबर, 10:56 के बाद |
| बुधवार, 24 नवंबर | उत्पन्ना कृष्ण पक्ष · महाद्वादशी: व्रत द्वादशी के दिन रखा जाता है | 25 नवंबर, 07:30–10:23 |
| गुरुवार, 9 दिसंबर | मोक्षदा शुक्ल पक्ष | 10 दिसंबर, 07:49–10:33 |
| गुरुवार, 23 दिसंबर | सफला कृष्ण पक्ष | 24 दिसंबर, 07:59–10:41 |
तालिका की टिप्पणियाँ:
- महाद्वादशी: व्रत द्वादशी के दिन रखा जाता है
- भोर से पहले एकादशी दशमी से मिली है: व्रत अगले दिन चला जाता है
- एकादशी तिथि अगले सूर्योदय से पहले समाप्त हो जाती है (क्षय)
प्राग में 25 में से 6 तिथियाँ दिल्ली से अलग दिन पड़ती हैं: पौष पुत्रदा: 18 जनवरी (दिल्ली 19 जनवरी); विजया: 3 मार्च (दिल्ली 4 मार्च); निर्जला: 14 जून (दिल्ली 15 जून); परिवर्तिनी: 11 सितंबर (दिल्ली 12 सितंबर); रमा: 25 अक्टूबर (दिल्ली 26 अक्टूबर); देवउठनी: 9 नवंबर (दिल्ली 10 नवंबर).
तालिका कैसे पढ़ें
व्रत का दिन वह दिन है जिस दिन व्रत रखा जाता है। पारण अगली सुबह की वह अवधि है जिसमें व्रत खोला जाता है: सूर्योदय के बाद, जब द्वादशी का पहला चौथाई भाग (हरि वासर) बीत चुका हो और द्वादशी समाप्त होने से पहले। यदि केवल “… के बाद” लिखा है, तो अवधि उस समय के बाद शुरू होती है। एकादशी का नाम, पक्ष और किसी विशेष स्थिति की टिप्पणी बीच के कॉलम में है।
तालिका की विशेष स्थितियाँ
महाद्वादशी तब होती है जब वैष्णव नियम व्रत को द्वादशी के दिन ले जाते हैं। दशमी-विद्धा का अर्थ है कि भोर से पहले एकादशी दशमी तिथि से मिली हुई है, इसलिए व्रत अगले दिन चला जाता है। क्षय का अर्थ है कि एकादशी तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू और समाप्त हो जाती है। ऐसे दिनों पर स्मार्त कैलेंडर कभी-कभी दूसरी तारीख़ बताता है।
प्राग के लिए दूसरे पेज
इस शहर का आज का पंचांग पंचांग: प्राग पेज पर है। सामान्य जानकारी: एकादशी क्या है; वर्ष की सभी एकादशियाँ एक तालिका में एकादशी 2027 पेज पर हैं।
सवाल-जवाब
प्राग में एकादशी कब है?
क्या प्राग की तिथियाँ भारत जैसी ही हैं?
व्रत कैसे खोलें?
क्या हर एकादशी रखनी ज़रूरी है?
यह भी देखें
स्थितियाँ और तालिकाएँ: निरयण राशिचक्र, लाहिरी अयनांश — जैसा पेशेवर ज्योतिषी उपयोग करते हैं; वही गणना जिससे JyotiSoft कुंडली बनाता है। अद्यतन 2026-10-14.
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