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राशियाँ

वैदिक ज्योतिष में तुला राशि

तुला, यानी तराज़ू, सातवीं राशि है: निरयण राशिचक्र के 180°–210°, चर वायु राशि, जिसके स्वामी शुक्र हैं। यहाँ शनि उच्च और सूर्य नीच का होता है। यह संतुलन, साझेदारी, व्यापार और न्याय की राशि है।

क्रम7 / 12
विस्तार (निरयण)180° – 210° निरयण राशिचक्र में
स्वामीशुक्र
तत्ववायु
स्वभावचर
यहाँ उच्चशनि
यहाँ नीचसूर्य
नक्षत्रचित्रा, स्वाती, विशाखा

तुला का स्वभाव

नीचे दिए गए मनोवैज्ञानिक और पेशागत वर्णन आधुनिक व्याख्याएँ हैं। तुला में लग्न, चंद्रमा या कोई ग्रह होने से ये सभी गुण हर व्यक्ति में हों, यह ज़रूरी नहीं; पूरी कुंडली देखी जाती है।

तुला कर्मशील वायु है: रिश्ते, बातचीत, संतुलन की खोज। शुक्र शालीनता, कूटनीति और सौंदर्य की परख लाता है। शनि यहाँ उच्च का है (परम उच्च 20° पर) — निष्पक्षता, क़ानून और लंबे अनुबंध उसके अनुकूल हैं; सूर्य नीच का है (परम नीच 10° पर) — अहं को मंच साझा करना पड़ता है। लाहिरी अयनांश में चित्रा तारा निरयण तुला के 0° के पास होता है। हमेशा ठीक 0° पर रखने वाली गणना True Chitrapaksha कहलाती है।

तुला लग्न और तुला का चंद्रमा

तुला लग्न आकर्षक, न्यायप्रिय, मिलनसार व्यक्ति देता है जो साझेदारी में सबसे अच्छा काम करता है। चतुर्थ और पंचम भाव का स्वामी शनि योगकारक है; शुक्र लग्नेश है; तीसरे और छठे भाव का स्वामी गुरु इस लग्न के लिए सबसे कठिन ग्रह है। तुला के चंद्रमा को सामंजस्य और साथ चाहिए, और टकराव इसे पसंद नहीं।

कुंडली में तुला

जिस भाव में तुला है, वहाँ आप संतुलन और साझेदार खोजते हैं। यहाँ ग्रह विकल्पों को तौलते हैं: शनि न्यायी बनता है, शुक्र परिष्कृत, सूर्य ज़्यादा सहयोगी।

प्राकृतिक राशिचक्र की सातवीं राशि होने के नाते तुला सातवें भाव की प्रतिध्वनि है: विवाह, व्यापारिक साझेदारी, अनुबंध और दूसरे व्यक्ति के साथ बराबरी का रिश्ता।

तुला के नक्षत्र

तुला में चित्रा का दूसरा आधा हिस्सा, पूरा स्वाती (आत्मनिर्भरता) और विशाखा के पहले तीन चरण (लक्ष्य) आते हैं।

सवाल-जवाब

वैदिक ज्योतिष में सूर्य तुला में कब होता है?
सूर्य लगभग 18 अक्टूबर से 16 नवंबर तक निरयण तुला में गोचर करता है — यानी दिवाली प्रायः सूर्य के तुला में रहते हुए आती है।
तुला में सूर्य कमज़ोर क्यों है?
तुला साझेदारी की राशि है; “मैं” का कारक सूर्य यहाँ आदेश देने के बजाय समझौता करने को मजबूर होता है। उसका परम नीच 10° पर है।
तुला का स्वामी कौन है?
शुक्र। तुला में शनि उच्च और सूर्य नीच का होता है।

यह भी देखें

स्थितियाँ और तालिकाएँ: निरयण राशिचक्र, लाहिरी अयनांश — जैसा पेशेवर ज्योतिषी उपयोग करते हैं; वही गणना जिससे JyotiSoft कुंडली बनाता है। अद्यतन 2026-10-10.

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