पंचांग
आज का पंचांग — कीव
कीव के लिए दिन का वैदिक पंचांग: पंचांग के पाँच अंग उनके बदलने के समय के साथ, सूर्योदय और सूर्यास्त, अशुभ और शुभ काल। हर दिन स्थानीय सूर्योदय से दोबारा गणना।
आज: 1 नवंबर 2026
अगला पर्व: अहोई अष्टमी — 1 नवंबर 2026, आज।
| अंग | मान | किसके लिए शुभ |
|---|---|---|
| तिथि | सप्तमी (कृष्ण पक्ष) तक 11:22 | यात्रा, वाहन, स्थान परिवर्तन |
| नक्षत्र | पुष्य तक 01:01 (+1) | अध्ययन, पूजा-अनुष्ठान, हर शुभ आरंभ |
| योग | साध्य तक 11:09 | साध्य कार्य, अभ्यास |
| करण | बव तक 11:22 | आरंभ, स्थिर कार्य |
| वार | रविवार | अधिकार, स्वास्थ्य, सरकारी कार्य |
सूर्य और चंद्रमा
| सूर्योदय | 06:48 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 16:34 |
| चंद्रोदय | 22:29 |
| चंद्रास्त | 13:26 |
अशुभ काल
| राहुकाल | 15:20–16:34 |
|---|---|
| यमगंड | 11:41–12:54 |
| गुलिक काल | 14:07–15:20 |
शुभ मुहूर्त
| अभिजित | 11:21–12:00 |
|---|---|
| अमृत काल | 00:00–01:25 · 18:55–20:27 |
चांद्र पंचांग
| चांद्र मास (अमांत) | आश्विन |
|---|---|
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
आज चंद्र राशि के अनुसार
दोपहर में चंद्रमा कर्क में है, पुष्य नक्षत्र में।
| आपकी चंद्र राशि | आपकी राशि से आज का चंद्रमा | आपके नक्षत्र से तारा बल | आज किसके लिए अनुकूल |
|---|---|---|---|
| मेष | चौथा भाव · कमज़ोर | अश्विनी: मित्र ✓ भरणी: वध × कृत्तिका: साधक ✓ | घर और मन की शांति पर ध्यान दें: घर का दिन है, बड़े काम शुरू करने का नहीं। |
| वृषभ | तीसरा भाव · बलवान | कृत्तिका: साधक ✓ रोहिणी: प्रत्यरि × मृगशिरा: क्षेम ✓ | भाग-दौड़, फ़ोन, छोटी यात्राओं और छोटी शुरुआतों के लिए ऊर्जा। |
| मिथुन | दूसरा भाव · सामान्य | मृगशिरा: क्षेम ✓ आर्द्रा: विपत् × पुनर्वसु: संपत् ✓ | परिवार, भोजन और पैसों की बातें। नरमी से बोलें, और आज उधार देने से बचें। |
| कर्क | पहला भाव · बलवान | पुनर्वसु: संपत् ✓ पुष्य: जन्म ○ आश्लेषा: अतिमित्र ✓ | चंद्रमा आपकी अपनी राशि पर है: मन भावुक रहेगा। निजी काम, आराम और शरीर की देखभाल के लिए अच्छा दिन। |
| सिंह | बारहवाँ भाव · कमज़ोर | मघा: मित्र ✓ पूर्वा फाल्गुनी: वध × उत्तरा फाल्गुनी: साधक ✓ | आराम, एकांत और काम पूरे करना; ख़र्च और नींद का ध्यान रखें। |
| कन्या | ग्यारहवाँ भाव · बलवान | उत्तरा फाल्गुनी: साधक ✓ हस्त: प्रत्यरि × चित्रा: क्षेम ✓ | लाभ, मित्र और अनुरोध: जो चाहिए, माँग लीजिए। |
| तुला | दसवाँ भाव · बलवान | चित्रा: क्षेम ✓ स्वाती: विपत् × विशाखा: संपत् ✓ | काम और सार्वजनिक ज़िम्मेदारियाँ: अपना किया हुआ काम दिखाने का दिन। |
| वृश्चिक | नौवाँ भाव · सामान्य | विशाखा: संपत् ✓ अनुराधा: जन्म ○ ज्येष्ठा: अतिमित्र ✓ | गुरु, प्रार्थना, अध्ययन और लंबी यात्राओं की योजना। |
| धनु | आठवाँ भाव · कमज़ोर | मूल: मित्र ✓ पूर्वाषाढा: वध × उत्तराषाढा: साधक ✓ | शांत दिन: जोखिम भरे फ़ैसले और पैसों के मामले टालें, बारीकियाँ जाँच लें। |
| मकर | सातवाँ भाव · बलवान | उत्तराषाढा: साधक ✓ श्रवण: प्रत्यरि × धनिष्ठा: क्षेम ✓ | मुलाक़ातें, साझेदारी और समझौते अच्छे चलते हैं। |
| कुंभ | छठा भाव · बलवान | धनिष्ठा: क्षेम ✓ शतभिषा: विपत् × पूर्वा भाद्रपद: संपत् ✓ | अटके काम निपटाने, सेहत की दिनचर्या बनाने और विवाद सुलझाने के लिए अच्छा। |
| मीन | पाँचवाँ भाव · सामान्य | पूर्वा भाद्रपद: संपत् ✓ उत्तरा भाद्रपद: जन्म ○ रेवती: अतिमित्र ✓ | पढ़ाई, बच्चे और रचनात्मक काम; जोखिम भरे दाँव से दूर रहें। |
चंद्र बल आज के चंद्रमा को आपकी जन्म राशि से गिनता है: पहले, तीसरे, छठे, सातवें, दसवें और ग्यारहवें भाव में बलवान, चौथे, आठवें और बारहवें में कमज़ोर। तारा बल आज के नक्षत्र को आपके जन्म नक्षत्र से नौ-नौ करके गिनता है: ✓ शुभ, ○ आपका अपना तारा (मिश्रित), × महत्वपूर्ण शुरुआत के लिए नहीं। यह आपकी चंद्र राशि वाले सभी लोगों के लिए सामान्य फल है; अधिक निर्णय आपकी कुंडली और चल रही दशा करती है।
अगले दिन: 2 नवंबर · 3 नवंबर · 4 नवंबर · 5 नवंबर · 6 नवंबर · 7 नवंबर · 8 नवंबर
दिन की लय
कीव · 1 नवंबर 2026 · सूर्योदय 06:48 से सूर्योदय 06:49 तक
दिन के सर्वोत्तम समय-खंड ▲ 16:34–17:45▲ 18:21–20:27▲ 05:02–06:49
▲सर्वोत्तम▲शुभ●सामान्य!सावधानी▼टालें
आने वाले पर्व
- अहोई अष्टमी — 1 नवंबर 2026, आज
- धनतेरस — 6 नवंबर 2026, 5 दिन में
- दीपावली · लक्ष्मी पूजा — 8 नवंबर 2026, 7 दिन में
- नरक चतुर्दशी — 8 नवंबर 2026, 7 दिन में
- गोवर्धन पूजा · अन्नकूट — 9 नवंबर 2026, 8 दिन में
- भाई दूज — 10 नवंबर 2026, 9 दिन में
कीव के लिए समय कैसे पढ़ें
इस पृष्ठ के सभी समय कीव के स्थानीय समय में हैं। अगर तिथि या नक्षत्र दिन में बदलता है, तो बदलने के क्षण से नया मान लागू होता है, इसलिए सुबह और शाम के मान अलग हो सकते हैं। किसी दूसरे शहर की यात्रा हो तो गंतव्य का पंचांग देखें।
पंचांग के पाँच अंग, राहुकाल, अभिजित और अमृत काल का अर्थ मुख्य पंचांग पृष्ठ पर समझाया गया है। अपने सटीक स्थान और जन्म चंद्रमा के अनुसार व्यक्तिगत आकलन के लिए मिनी ऐप में कीव या अपना स्थान चुनें।
सवाल-जवाब
कीव का पंचांग कब अपडेट होता है?
यहाँ सूर्योदय मौसम पूर्वानुमान से अलग क्यों है?
कीव में आज राहुकाल कब है?
क्या कीव का पंचांग पास के शहर के लिए भी सही है?
यह भी देखें
स्थितियाँ और तालिकाएँ: निरयण राशिचक्र, लाहिरी अयनांश — जैसा पेशेवर ज्योतिषी उपयोग करते हैं; वही गणना जिससे JyotiSoft कुंडली बनाता है।
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